हारमोनियम कैसे सीखें


हारमोनियम कैसे सीखें

भारतीय शास्त्रीय संगीत में हारमोनियम के स्वरों का बेसिक ज्ञान:
मित्रों, हारमोनियम गुरु (Harmonium Guru) वेबसाईट पर आप सभी का स्वागत है। वेबसाईट के इस भाग में हम आपको सिखाने जा रहें हैं, भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़ी कुछ ख़ास बातें जैसे की हारमोनियम के स्वर जिसे अंग्रेजी में नोट्स (Notes) कहा जाता है, स्वरों का बेसिक ज्ञान, सा रे गा मा थ्योरी, हारमोनियम थ्योरी (Theory) और संगीत से जुडी कुछ रोचक जानकारियाँ जो की आपको भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में बहुत कुछ सिखा सकती है।

 

 

स्वर किसे कहते हैं?
संगीत की दुनिया में म्यूजिकल नोट्स या की-नोट्स को स्वर कहा जाता है। जैसा की हम सभी जानते हैं भारतीय शास्त्रीय संगीत में 7 स्वर होते हैं। जो की शुद्ध स्वर के नाम से भी जाने जाते हैं, और वे स्वर हैं :
सा रे गा मा प ध नि
(S R G M P D N )

इनका सम्पूर्ण विवरण या फुल फॉर्म होता है, सा (षडज), रे (रिषभ), ग (गंधार), मा (मध्यम), प (पंचम), ध (धैवत), नि (निषाद)

कोमल स्वर किसे कहते हैं ?
सरल भाषा में बताया जाए तो हारमोनियम के काले बटन्स को कोमल स्वर कहा जाता है। कोमल स्वर की फिकेंसी (पिच) शुद्ध स्वरों की तुलना में थोडा कम होता है इसलिए इन्हें कोमल स्वर कहा जाता है। नीचे दिए गए चित्र में कोमल स्वर को दर्शाया गया है।

तीव्र स्वर किसे कहते हैं?
7 सुरों या स्वरों में केवल “म” स्वर तीव्र होता है. तीव्र स्वर की फिकेंसी (पिच) शुद्ध स्वरों की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है इसलिए इन्हें तीव्र स्वर कहा जाता है। तीव्र स्वर को नीचे दिए गए चित्र में दर्शाया गया है।

हारमोनियम पर सभी स्वरों का स्थान: